बेंगलुरु: केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) के टर्मिनल-2 के भीतर कुछ लोगों द्वारा नमाज़ अदा किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। भाजपा ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक करार देते हुए कांग्रेस सरकार पर “दोहरा रवैया” अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री प्रियांक ख़ड़गे से इस घटना पर जवाब मांगा है।
भाजपा के सवाल
भाजपा प्रवक्ता विजय प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि “हाई-सिक्योरिटी वाले एयरपोर्ट टर्मिनल के भीतर” ऐसी धार्मिक गतिविधि की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित लोगों ने पहले से आधिकारिक अनुमति ली थी।
प्रसाद ने यह भी कहा कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रशासन से अनुमति लेकर पथ-संचलन करता है, तो सरकार आपत्ति जताती है, “लेकिन प्रतिबंधित या संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र में” इस तरह की गतिविधियों पर आंखें मूंद ली जाती हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर सुरक्षा चिंता बताया।
प्रियांक ख़ड़गे की हालिया टिप्पणी की पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब हाल ही में, 3 नवंबर 2025 को, मंत्री प्रियांक ख़ड़गे ने RSS की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि संगठन को औपचारिक रूप से रजिस्टर होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि उन्हें RSS की विचारधारा से नहीं, बल्कि उसकी कानूनी प्रक्रिया और अनुमति को लेकर आपत्ति है।
ख़ड़गे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को दी जाने वाली विशेष सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे, यह कहते हुए कि ऐसी सुरक्षा आमतौर पर केवल शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए आरक्षित रहती है।